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मेरे जीवन का लक्ष्य : कहते है कि जीवन व्यर्थ होगा अगर हम

by anonymous

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    मेरे जीवन का लक्ष्य :
    
    
    
     कहते है कि जीवन व्यर्थ होगा अगर हमारे पास जीने का कोई वजह न होगा , महत्वाकांक्षा न होगा , लक्ष्य  न होगा . अधिकतर लोग जीवन में इसलिए सफल होते है क्योंकि उनके पास कोई लक्ष्य है . लक्ष्य चाहे बुरा हो या अच्छा , वह हमें कवायद कर देता है .
    
    मेरी भी इक लक्ष्य है - एक मान्य मेखिका बनना . मुझे कहानिया लिखा बेहत पसंद है . उसमे मई अपने आप को नायकी के जीवन में खोकर लिखती हूँ . मुझे लिखना इसलिए अच्छा लगता है क्योंकि उससे मई दोसर को अपनी विचारों के बारे में बता सकूँगी और कभी - कभी मन का संताप भी बताकर दिल को हल्का महसूस कर सकूँगी . मेरे अधिकतर कहानियों में मेरी अपनी जीवन छिपी है , मेरे भीतरी आशंकाओं से  सम्मिलित है . लोग जिन्होंने मेरी कहानियाँ पढ़े है , वे कहते है कि वह मेरे उम्र से तुलनात्मक करे, तो मेरे कथाओं बहुत ही मार्मिक होते है और कभी -कभी पढ़कर आँखों में आँसू भी भर लाते है . यह सुनकर अच्छा लगता है . मैं चाहती हूँ कि लोग मेरे जीवन में किये गए भूल से कुछ सीखे और खुद वे गलतियाँ न करे . जो दुःख और तकलीफ मैंने सहन कि है , मै नहीं चाहती कि दूसरो भी झेले .
    
    मैं चाहती हूँ कि एक दिन मैं अपनी कहानियों के लिए यश और कीर्ति पाऊ , ताकि और भी लोग मेरे कथाए पढ़ सके और जीवन से खुश रहना सीखे . इस वंशज में पढना बहुत आवश्यक है , क्योंकि अनेक लोग पढना छोड़कर टेलीविजन और कंप्यूटर से कैद है . मैं चाहती हूँ कि मेरे कहानियाँ पढ़कर लोग इस खोई - हूई प्रदान कणों वापस अपनाए . यही मेरे जीवन का लक्ष्य है , और मैं इसे पाकर ही रहूंगी . 
     कहते है कि जीवन व्यर्थ होगा अगर हमारे पास जीने का कोई वजह न होगा , महत्वाकांक्षा न होगा , लक्ष्य  न होगा . अधिकतर लोग जीवन में इसलिए सफल होते है क्योंकि उनके पास कोई लक्ष्य है . लक्ष्य चाहे बुरा हो या अच्छा , वह हमें कवायद कर देता है .
    
    मेरी भी इक लक्ष्य है - एक मान्य मेखिका बनना . मुझे कहानिया लिखा बेहत पसंद है . उसमे मई अपने आप को नायकी के जीवन में खोकर लिखती हूँ . मुझे लिखना इसलिए अच्छा लगता है क्योंकि उससे मई दोसर को अपनी विचारों के बारे में बता सकूँगी और कभी - कभी मन का संताप भी बताकर दिल को हल्का महसूस कर सकूँगी . मेरे अधिकतर कहानियों में मेरी अपनी जीवन छिपी है , मेरे भीतरी आशंकाओं से  सम्मिलित है . लोग जिन्होंने मेरी कहानियाँ पढ़े है , वे कहते है कि वह मेरे उम्र से तुलनात्मक करे, तो मेरे कथाओं बहुत ही मार्मिक होते है और कभी -कभी पढ़कर आँखों में आँसू भी भर लाते है . यह सुनकर अच्छा लगता है . मैं चाहती हूँ कि लोग मेरे जीवन में किये गए भूल से कुछ सीखे और खुद वे गलतियाँ न करे . जो दुःख और तकलीफ मैंने सहन कि है , मै नहीं चाहती कि दूसरो भी झेले .
    
    मैं चाहती हूँ कि एक दिन मैं अपनी कहानियों के लिए यश और कीर्ति पाऊ , ताकि और भी लोग मेरे कथाए पढ़ सके और जीवन से खुश रहना सीखे . इस वंशज में पढना बहुत आवश्यक है , क्योंकि अनेक लोग पढना छोड़कर टेलीविजन और कंप्यूटर से कैद है . मैं चाहती हूँ कि मेरे कहानियाँ पढ़कर लोग इस खोई - हूई प्रदान कणों वापस अपनाए . यही मेरे जीवन का लक्ष्य है , और मैं इसे पाकर ही रहूंगी .

    Comments

    • sachit
      nice but lots of mistakes just correct that otherwise good concept .... :)
      
      
    • anandhu
      superrrrrrrrrr.
      nice job 
    • achyutha
      nice but lots of spelling mistakes
      
    • Kushal
      It help in my holiday h.w I d'not do my holiday h.w so I do these later &there is so much spelling mistake
    • shweta
      its help me in my holi day home work  
      
      
      
      
      
      thanks
      
    • ash
      There are lots of spelling mistakes but it helped me in my homework
    • Punya
      nice but some spelling mistakes are there.
    • ash
      Ashish
      Good.
      Thanks!
      thanx
      
    • Ashish
      Good.
      Thanks!
    • Hemang
      I Think that it is a nice essay,but with lots of mistakes which could be bad for the scholars. so, you(writer) schould be carefulll
      Thanh you ! 
      
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